तेलंगाना में तनाव, शिक्षण संस्थान बंद
७ जनवरी २०११गुरुवार को पुलिस ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया जिसके विरोध में तेलंगाना में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आह्वान किया गया. तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने इस बंद का समर्थन किया है.
प्रदर्शनकारी छात्र तेलंगाना मुद्दे पर श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट में दिए गए विकल्पों का विरोध कर रही थी. प्रदर्शनकारी छात्र और तेलंगाना राष्ट्र समिति आंध्र प्रदेश से अलग राज्य से कम पर राजी नहीं है. उनकी मांग है कि नए राज्य की राजधानी हैदराबाद होनी चाहिए.
उस्मानिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने क्षेत्र में हड़ताल का आह्वान किया लेकिन ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने सिर्फ शिक्षण संस्थानों को ही बंद रखे जाने की अपील की. हैदराबाद और तेलंगाना क्षेत्र के अन्य शहरों में फिलहाल जनजीवन सामान्य नजर आ रहा है. बसें चल रही हैं और व्यापारिक प्रतिष्ठान भी खुले हैं लेकिन जीवन की रफ्तार पर तेलंगाना आंदोलन का असर पड़ सकता है.
ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने तेलंगाना के सरकारी कर्मचारियों से कहा है कि दोपहर में खाने के अवकाश के दौरान वे तेलंगाना के समर्थन में प्रदर्शन करें. एक्शन कमेटी की मांग है कि तेलंगाना के गठन के लिए संसद के बजट सत्र में बिल लाया जाना चाहिए.
गुरुवार को जस्टिस श्रीकृष्ण के नेतृत्व में बनी समिति की रिपोर्ट को गृह मंत्री पी चिदंबरम ने राजनीतिक दलों के सामने रख दिया. इस रिपोर्ट में वैसे तो तेलंगाना मुद्दे के हल के लिए छह विकल्प सुझाए गए हैं लेकिन आखिर में जोर सिर्फ तीन ''व्यवहारिक'' विकल्पों पर ही दिया गया है.
श्रीकृष्ण रिपोर्ट ने समस्या को समाधान के लिए संयुक्त आंध्र प्रदेश का समर्थन किया है जबकि तेलंगाना के विकास के लिए संवैधानिक और कानूनी परिषद बनाए जाने का सुझाव है जिस पर तेलंगाना का सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी.
श्रीकृष्ण रिपोर्ट के बाकी पांच विकल्पों पर एक नजर -
- आंध्र प्रदेश का बंटवारा दो हिस्सों में किया जाए जिनके नाम सीमान्ध्र और तेलंगाना रखे जा सकते हैं. वर्तमान सीमाओं के अनुरूप ही इनका गठन किया जाए. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद बनाने की सिफारिश की गई है जबकि रायलसीमा और तटीय आंध्र को मिला कर बनाए जाने वाले संभावित राज्य सीमान्ध्र को एक नई राजधानी मिलेगी.
- आंध्र प्रदेश का सीमान्ध्र और तेलंगाना में बंटवारा कर दिया जाए जबकि हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया जाए. नवगठित सीमान्ध्र और तेलंगाना के लिए नई राजधानी बनाई जाए.
- आंध्र प्रदेश का बंटवारा रायल-तेलंगाना और तटीय आंध्र क्षेत्रों में कर दिया जाए. इस विकल्प के मुताबिक हैदराबाद रायल-तेलंगाना क्षेत्र के पास रहेगा.
- आंध्र प्रदेश का सीमान्ध्र और तेलंगाना में बंटवारा कर दिया जाए और हैदराबाद केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर रहे. केंद्र शासित प्रदेश के रूप में हैदराबाद का भौगोलिक संपर्क दक्षिण पूर्व में नालगोंडा जिले, तटीय आंध्र के गुंटुर जिले, दक्षिण में महबूबनगर जिले और रायलसीमा में कुरनूल जिले से होगा.
- यथास्थिति को फिलहाल कायम रखा जाए. हालांकि इस विकल्प को सबसे आखिरी सुझाव के तौर पर ही पेश किया गया है.
रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़
संपादन: ओ सिंह