जब जूते हो जाएं स्मार्ट
८ जुलाई २०१६नेत्रहीनों की मदद के लिए बहुत सी ऐसी चीजें बन गई हैं कि वे बहुत हद तक सामान्य जिंदगी बिता सकते हैं और काम काज कर सकते हैं. आम तौर पर उन्हें अगर कहीं बाहर जाना होता है तो वे ऐसी लाठी का सहारा लेते हैं जिसके जरिए उन्हें यह पता चल जाता है सामने कोई रुकावट तो नहीं है. लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं रहता है कि वे सही दिशा में जा रहे हैं या नहीं. लेकिन अब ये जानना मुमकिन होगा. लेचल यानी ले और चल. यह एक स्मार्ट फुटवियर है, जिसको स्मार्ट फोन से जोड़ने पर यह फुटवियर सामान्य जूता नहीं रहता है. वह आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने में मदद करता है. लेचल को अनिरुद्ध शर्मा और उनके दोस्त क्रिसपियन लॉरेंस ने तैयार किया है. दोनों दोस्तों ने ड्यूकेयर टेक्नोलॉजी की स्थापना की जो कि लेचल शूज की पेरेंट कंपनी है.
क्या है तकनीक?
लेचल जूतों में नेविगेशन, फिटनेस, स्मार्ट असिस्ट और एक्सिसेबिल्टी फीचर मौजूद हैं, जो उसे बेहद स्मार्ट बनाते हैं. स्मार्ट डिवाइस सोल के भीतर या फिर जूते के बाहर लगा होता है. यह देखने में आम जूतों की ही तरह होता है लेकिन इसका काम आम जूते से कहीं अधिक हैं. इलके इस्तेमाल के लिए मोबाइल फोन पर एक खास एप इंस्टॉल करना करना पड़ता है. इसके बाद नेविगेशन के जरिए अपनी मंजिल सेट करनी पड़ती है. जूते के भीतर लगा ब्लू टूथ मोबाइल से कनेक्ट होकर रास्ता दिखाता है. हैप्टिक वाइब्रेशन्स के जरिए इस्तेमाल करने वालों को निर्देश मिलता रहता है और वह अपनी मंजिल तक हैंड्स फ्री पहुंच जाता है.
डिवाइस में एक और खूबी है कि इसके अंदर मैप और जीपीएस की सुविधा है जिसकी मदद से यूजर को आस पास की खास जगहों के बारे में पता चलता है. अगर कोई इन खास जगहों को देखना चाहे तो नेवीगेटर में सेट करके मंजिल तक पहुंचा जा सकता है. यह डिवाइस यह भी बताता रहता है कि आपका फोन आपसे कितना दूर है. यानी अगर फोन लेचल से जुड़ा है तो इसके गुम होने का खतरा ना के बराबर होता है. डिवाइस आपको समय समय पर तरह तरह के अलर्ट्स देता रहता है. लेचल की सबसे बड़ी खूबी यह कि इसके इस्तेमाल से यूजर को अपनी आंखें मोबाइल पर नहीं गड़ानी होती है. लेचल में ऑफलाइन मोड भी उपलब्ध है.
लेचल बनाने वाले अनिरुद्ध और क्रिसपियन लॉरेंस के मुताबिक यह डिवाइस सभी के लिए हैं, रनर, साइक्लिस्ट, फिटनेस के दीवाने, नए शहर में पर्यटन के लिए जाने वाले और वियरेबल डिवाइस के शौकीनों के लिए. कंपनी के सह संस्थापक क्रिसपियन लॉरेंस के मुताबिक, ‘जब हमने 2011 में शुरुआत की, तो यह उत्पाद केवल एक विचार था. यह ऐसी कल्पना थी जिसे हम और ज्यादा गहराई से खोजना चाहते थे. लेकिन हम जितना ज्यदा खोज करते गए उतना ही ज्यादा प्रोटोटाइप बनाते गए और उतना ही परीक्षण करते गए उतना ही अधिक हमने महसूस किया कि इस उत्पाद का इस्तेमाल कोई भी कर सकता है.'
नेत्रहीनों के लिए वरदान
अगर आप सोच रहे होंगे यह केवल रास्ता बताने के लिए ही बनाए गए तो ऐसा नहीं है. लेचल जूतों की मदद से फिटनेस का भी ख्याल रखा जा सकता है. ऐप के जरिए सारा डाटा जमा हो जाता है और यूजर अपनी फिटनेस की जानकारी देख सकता है और इस जानकारी अपने दोस्तों के साथ साझा भी कर सकता है. फिलहाल जूते की कीमत नौ से दस हजार रुपये के बीच रखी गई है. अगर आप जूते न लेकर सिर्फ इनसोल खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए आपको करीब साढ़े आठ हजार रुपये खर्च करने होंगे. यह इनसोल ऐसे बनाए गए हैं जो कि किसी भी जूते में आसानी से फिट हो सकते हैं. यह न केवल नेत्रहीनों के लिए है बल्कि फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भी उपयोगी है. वैसे तो फिटनेस के लिए बाजार में कई तरह की डिवाइस मौजूद है लेकिन जूतों में लगी खास डिवाइस इसे औरों से अलग बनाती है.
ये फुटवियर यूजर को किसी खास लोकेशन को टैग करने की सुविधा भी देता है. यही नहीं इसके जरिए बड़े ग्रुप या फिर परिवार के सदस्यों को आपस में कनेक्ट किया जा सकता है. मान लीजिए किसी पार्क में ग्रुप इधर उधर भटक रहा है और खाने पर किसी खास रेस्तरां में मिलना चाहता है तो लेचल रियल टाइम डाटा मुहैया करा सकता है. लेचल फुटवियर फिलहाल ऑनलाइन बिक रहे हैं. कंपनी इस खास जूते को पश्चिमी देशों में ऑफलाइन भी बेचने की योजना बना रही है. अनिरुद्ध और क्रिसपियन को यकीन है कि आने वाले समय में यह डिवाइस मील का पत्थर साबित होगा. एक स्टार्ट कुछ बड़ा करने के सपने देख रहा है.